Follow by Email

Sunday, September 8, 2013

हे दंगा कराने वाले धर्म, तुम्हारा सर्वनाश हो

चुरकी-दाढ़ी-खतना-कड़ा का अर्थ न जानने वाले बच्चों को भी तुम मरवा देते हो. अपने रूई-सूत से मतलब रखने वाले गरीबों पर तुम कहर ढाते हो. तुमने ८४ में हजारों सिखों को मरवाया तुमने ईराक-इरान को लड़वाया तुम गोधरा काण्ड कराते हो तुम मुंबई के अमन में आग लगाते हो तुमने अयोध्या से तुलसीदास को भगाया तुमने वाराणसी में कबीर और नजीर बनारसी को नहीं रहने दिया तुम हर साल लाखों बच्चों से दुनिया में पिता छीन लेते हो तुम तिब्बतियों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करते हो तुमने कश्मीर से पंडितों के परिवारों को खदेड़ा तुमने शिव के काशी में किया बखेड़ा तुमने बोधगया में बम दगावाया तुमने गणेश शंकर विद्यार्थी को मरवाया तुमने भारत का विभाजन कराया तुमने एंग्लो इंडियन का सर्वनाश कराया तुम हत्यारे हो तुम अपराधी हो तुम पापी हो दुनिया में अमन के लिए तुम्हारा सर्वनाश हो. -रोशन प्रेमयोगी

No comments:

Post a Comment