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Friday, January 8, 2010

मुझे कोई सुरीला साज़ बजाते पाओगे

मै आपको चाँद तोड़कर तो नही दे सकता


मै अपने हाथों से ईंट भी नही तोड़ सकता


मैं नदी की धारा नही मोड़ सकता


फ़िर भी मैं बहुत कुछ केर सकता हूँ


मैं आपको चाँद का सपना दिखा सकता हूँ


मैं आपके सपनों की परवरिश कर सकता हूँ


मैं बता सकता हूँ कल्पना में यथार्थ कितना है


यथार्थ में झूठ कितना है


मैं सिखा सकता हूँ अपने सुख को कैसे बांटो


मैं बता सकता हूँ अपने दुःख को कैसे एन्जॉय करो


लेकिन यह मत सोचो मेरे पास कोई जादुई छड़ी है


या फ़िर समय को कंट्रोल कराने वाली घड़ी है


मेरे पास सिर्फ़ रास्ते हैं


जो तुम्हारी मंजिल तक भी जाते हैं


मेरे पास सपने हैं


जो तुम्हारे दिल तक जाते हैं


मेरे पास एक आईना है


जिसमे देखकर अपना चेहरा


तुम गुनगुना सकते हो कोई प्रेम गीत


कोई भजन


कोई निर्गुण


जब तुम इनमे से कुछ गुनगुनाओगे


मुझे कोई सुरीला साज़ बजाते पाओगे


-रोशन प्रेमयोगी

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